गीता पढ़ो ॐ आगे बढ़ो ।।श्रीकृष्णं वन्दे जगद्गुरुम्।। विश्वगीताप्रतिष्ठानम्, उत्तर प्रदेश अखिल भारतीय गीता स्वाध्याय प्रशिक्षण शिविर माघ मेला सेक्टर 7, अरैल घाट, नैनी, प्रयागराज, उ.प्र. 20 से 26 जनवरी 2026 तिथिः - माघ शुक्ल द्वितीया मंगलवार से अष्टमी सोमवार तक विक्रमाब्दः - 2082 स्थानम् - विश्वगीताप्रतिष्ठानम्, माघ मेला सैक्टर-7, SMS7-103 संकट मोचन मार्ग, अरैल घाट, नैनी, प्रयागराज, उ.प्र. पंजीयनशुल्कम् - ₹ ११००/- प्रति व्यक्ति आत्मीय बान्धवों ! गीता का स्वाध्याय करते हुए उसके अनुसार जीवनशैली बनाने के उद्देश्य से विश्वगीताप्रतिष्ठानम् प्रतिवर्ष अनेक प्रकार के शिक्षणात्मक, संगठनात्मक तथा प्रचारात्मक कार्यक्रमों का आयोजन करता है । इसी क्रम में गीता स्वाध्यायियों के कौशल विकास हेतु सप्तदिवसीय आवासीय गीता स्वाध्याय शिविर का आयोजन कल्पवासियों के माघ मास स्नान के अवसर पर तीर्थराज प्रयाग में कर रहा है। माघ मास में, मकर के सूर्य में, तीर्थराज प्रयाग में, त्रिवेणी तट पर, तम्बू में आवास, गंगा मैया की गोद में गीता का स्वाध्याय और सन्तों की अमृतवाणी से जीवन धन्य करने का सुअवसर प्राप्त हो रहा है। इसमें भाग लेने हेतु आप सपरिवार सादर आमन्त्रित हैं। आशीर्वचन - युवराज स्वामी डॉ. माधव प्रपन्नाचार्य जी महाराज, उज्जयिनी, अध्यक्ष मार्गदर्शन - डॉ. विष्णु नारायण तिवारी, ग्वालियर, केन्द्रीय महामन्त्री शिविराधिकारी - डॉ. जवाहरलाल द्विवेदी - 94257 24206 शिविर संयोजक - श्री उपेन्द्रमणि पाण्डेय - 7354121931 बौद्धिक प्रमुख - श्री ओमप्रकाश शर्मा - 9425790288 महाप्रबन्धक - पं. रमेश कोठारी - 9993938735 प्रबन्धक - श्री सर्वदेव तिवारी - 88589 20259 प्रवाचक - श्री रमेश पाण्डेय - 70009 36855 शिविर की विशेषताएं - १. गंगा मैया की गोद में मकर स्नान के साथ गीता स्वाध्याय। २. प्रातः काल 5 बजे से रात्रि 10 बजे तक नियमित दिनचर्या से जीवन के आनन्द का अभ्यास। ३. गीता का शुद्ध उच्चारण। ४. स्वाध्याय शिक्षक हेतु प्रशिक्षण। ५. गीता के तात्त्विक प्रवचन। ६. संगठनात्मक कार्य पद्धति। आवश्यक सूचना * आनलाईन पंजीयन की अन्तिम तिथि 10 जनवरी 2026 है । * निर्धारित अवधि में आनलाइन पूर्व पंजीयन कराने पर ही शिविर में प्रवेश मिलेगा। किसी को भी तत्काल प्रवेश नहीं दिया जाएगा। * 19 जनवरी को सायंकाल तक शिविर स्थल पर पहुंचना अनिवार्य है तथा 26 जनवरी को सायं काल 4 बजे के बाद ही शिविर से प्रस्थान कर सकते हैं। * भोजन एवं आवास की व्यवस्था निःशुल्क है। * यह शिविर पूर्णतः आवासीय है। * शिविर की योजनानुसार ही तीर्थ स्नान, दर्शन, भ्रमण इत्यादि अनिवार्य हैं। अपनी इच्छानुसार कहीं भी आना जाना पूर्णतः निषिद्ध है। * अपने दैनिक उपयोग की वस्तुएं डायरी, पेन, ब्रश, मंजन, साबुन, तेल, कांच, कंघा, कपड़े (मौसम के अनुकूल) दरी, चादर, कम्बल, रजाई, पानी की बोतल, लोटा, गिलास, भोजन पात्र इत्यादि साथ लेकर आएं। * महिलाओं और पुरुषों की आवास व्यवस्था अलग-अलग रहेगी। अतः सपरिवार आने वाले शिविरार्थी अपना दैनिक उपयोग का सामान भी अलग अलग थैलों में लाएं। * महंगी वस्तुएं, स्वर्ण आभूषण इत्यादि न लाएं। * आवागमन का रेल या बस का आरक्षण स्वयं कराकर आएं। * संगीत के विशेषज्ञ अपने वाद्ययन्त्र साथ लाएं। * शिक्षकों, प्रबन्धकों और व्यवस्थापकों को 18 जनवरी तक शिविर स्थल पर पहुँचना अनिवार्य है। सम्पर्क - स्थानीय प्रान्त एवं जिला संयोजक, www.vishwageeta.org मार्गनिर्देश - शिविर पण्डाल नैनी रेलवे स्टेशन या बस स्टैंड से अरैल घाट के लिए टमटम और आटो रिक्शा से प्रायः ₹20 प्रति व्यक्ति है। अरैल घाट से 300 मीटर आगे महाकाल घाट की ओर मोबाइल टावर से पूर्व दिशा में संकट मोचन मार्ग पर 200 मीटर की दूरी पर स्थित है। आयोजक - विश्वगीताप्रतिष्ठानम्, उत्तरप्रदेश केन्द्रीय मुख्यालयः - विश्वगीताप्रतिष्ठानम्, श्रीरामानुज कोट, रामघाट मार्ग, उज्जयिनी, म.प्र., दूरवाणी - 9425754257 www.vishwageeta.org
भिंड के सभी तहसीलों और गांव-गांव तक गीता स्वाध्याय मंडलों का गठन
गीता स्वाध्याय शिविर, महाकुम्भ मेला, प्रयागराज ४ से १० फरवरी २०२५
स्वाध्याय गीत
विश्वगीताप्रतिष्ठानम् के संस्थापक आचार्य रमेश कुमार पाण्डेय जी द्वारा रचित गीत